Ashunya Shayan Vrat 2018 date Vrat Vidhi In Hindi- अशून्य शयन व्रत

Ashunya Shayan Vrat 2018 date Vrat Vidhi In Hindi- अशून्य शयन व्रत: भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी को समर्पित एक महत्वपूर्ण तपस्या है। 2018 में, उत्तर भारत में अशुन्य शायन द्वितिया व्रत की तारीख २८ अगस्त है।

उत्तरी भारतीय कैलेंडर के अनुसार श्रवण माह में कृष्णा पक्ष द्वितिया पर यह मनाया जाता है । यह मराठी, गुजराती, तेलुगु और कन्नड़ कैलेंडर के अनुसार अशदा कृष्ण द्वितिया के साथ मेल खाता है। कुछ स्थानों पर, इस वृंदा कार्तिक माह में भी मनाया जाता है।

विष्णु शायनोत्सव अशून्य शयन व्रत का मुख्य अनुष्ठान है। वृत्ता के अवसर पर, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की पूजा शोदाशोपचार (16 प्रकार की पूजा अनुष्ठानों) के साथ की जाती है। अशून्य शयन व्रत वृंदा विवाहित जोड़े द्वारा वैवाहिक आनंद और परिवार के कल्याण के लिए मनाया जाता है।

कुछ क्षेत्रों में, आशुण्य शायन वृता कार्तिक माह में भी मनाया जाता है। और कुछ अन्य भक्त इसे चतुर्मास काल (हिंदू धर्म में चार पवित्र महीने) में देखते हैं।Ashunya Shayan Vrat 2018 date Vrat Vidhi In Hindi- अशून्य शयन व्रत

Ashunya Shayan Vrat Vidhi In Hindi

अशून्य शयन व्रत बड़ा ही कल्याणकारी हिन्दू व्रत माना जाता हैं. भविष्य पुराण में इसके व्रत विधि विधान का उल्लेख मिलता हैं. ज्योतिषियों के अनुसार अशून्य शयन व्रत की डेट श्रावण कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है. वैवाहिक जीवन को सुखी सम्पन्न बनाने के लिए इसका धारण कर विष्णु लक्ष्मी जी की पूजा की जाती हैं.

  • व्रत रखने वाले भक्त लक्ष्मी तथा विष्णु की संयुक्त पूजा अर्चना करने से उनके दाम्पत्य जीवन में किसी तरह के कष्ट नही आते हैं.
  • इस दिन विष्णु का अभिषेक विधि विधान के अनुसार करने के लिए दूध के साथ शहद जरुर रखे.
  • व्रत के दिन विष्णु-लक्ष्मी का मौन व्रत रखकर उनकी कथा का वाचन करना चाहिए.
  • अशून्य शयन व्रत को जो भी भक्त व्रत विधि के अनुसार करता है उन्हें विदुर व विधवा जीवन के कष्टों से छुटकारा तो मिलता ही है साथ ही गृहस्थ जीवन के सभी दुखों का नाश होता है उनकी सभी कामनाएं पूरी होती है तथा मृत्यु के पश्चात उन्हें मोक्ष मार्ग की प्राप्ति होती हैं.

Related Post

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *