दिवाली के महत्व पर निबंध शायरी | Shayari Essay on Importance of Diwali in Hindi

दिवाली के महत्व पर निबंध शायरी | Shayari Essay on Importance of Diwali in Hindi: भारत को त्योहारों का देश माना जाता है लोग की इन पर्व उत्सवों के प्रति गहरी आस्था होती है. वे अपनी धार्मिक मान्यताओं को बड़ा सम्मान देते है तथा बिना किसी धर्म जाति के भेद के सभी भारतीय मिलकर त्योहार मनाते हैं. यही भारत देश की पहचान है. दिवाली ऐसे पर्वों में से एक है जिन्हें हिन्दू सिख बौद्ध जैन सभी सम्प्रदायों के लोग भाई भाई की तरह मिलकर उत्सव का आनन्द लेते हैं.

दिवाली जिन्हें दीपावली अर्थात दीपों का त्योहार भी कहा जाता हैं. इसे मनाने का धार्मिक, सामाजिक एवं वैज्ञानिक महत्व हैं. धनतेरस के दिन दिवाली की शुरुआत मानी जाती है. इस दिन वर्ष भर की सबसे अधिक खरीद होती है. बाजार चमक जाते है. लोग पैसे का आदान प्रदान करते है जो देश के विकास में भी सहायक हैं.

दिवाली के महत्व पर निबंध शायरी | Shayari Essay on Importance of Diwali in Hindi

दिवाली का महत्व और अर्थ (Importance of Diwali in Hindi)

दीपावली दो शब्दों से मिलकर बना है दीपा और अवली यानी दीपकों की कतार. जिसका अर्थ है अंधकार को समाप्त कर उजाले की तरफ ले जाना. धार्मिक विश्वास के अनुसार माना जाता है कि दिवाली के दिन ही भगवान् श्रीराम 14 साल का वनवास पूर्ण कर अयोध्या लौटे थे. इस हर्ष के अवसर पर अयोध्यावासियों के घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया और तब से दिवाली का यह उत्सव हर साल कार्तिक माह की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता हैं.

2018 में दीपावली की डेट 7 नवम्बर हैं. इस दिन लक्ष्मी पूजन किया जाएगा. यह दिन व्यापारी वर्ग के लिए नववर्ष की शुरुआत का दिन भी हैं. बाजारों की रौनक इस दिन देखते ही बनती हैं. भारत के किसी भी कोने में चले जाइए, दिवाली के फटाखों की गुजं आपका हर जगह पीछा करती प्रतीत होगी.

भगवान राम की ऐतिहासिक कथा से जुड़ा यह पर्व हमें अन्याय पर न्याय, अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देते हैं. साथ ही बताता है भले ही आप कितने ही महान परम शक्तिशाली पुरुष ही क्यों न हो आपकों जीवन में तकलीफों का सामना करना ही पड़ेगा. स्वयं ईश्वर के स्वरूप रामचन्द्रजी को भी पिता की आज्ञा के पालन के लिए राज-पाट छोडकर 14 वर्षों तक जंगलों में कठिन जीवन व्यतीत करना पड़ा था.

दिवाली कब है 2018 में डेट  (Diwali Festival 2018 Date)

कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन दिवाली का पर्व मनाया जाता हैं. 2018 में  5 नवम्बर 2018 से 9 नवम्बर 2018 तक दीपावली का त्यौहार मनाया जायेगा. पांच दिनों के इस पर्व की शुरुआत धनतेरस (कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी) से ही हो जाती हैं.

क्र. दिनांक वार पर्व
1 5 नवम्बर सोमवार धन तेरस
2 6 नवम्बर मंगलवार नरक चौदस
3 7 नवम्बर बुधवार दीपावली
4 8 नवम्बर गुरुवार गोवर्धन पूजा
5 9 नवम्बर शुक्रवार भाई दूज

दिवाली पर निबंध (essay on diwali in hindi for class 6)

दीपावली के दिन प्रत्येक व्यक्ति, वो चाहे व्यवसाय से हो, सेवा कार्य से हो या नौकरी से, प्रत्येक व्यक्ति अपने व्यवसायिक स्थान एवं घर पर मां लक्ष्मी एवं गणेश जी का विधिवत पूजन कर धन की देवी लक्ष्मी से सुख-समृद्धि एवं गणेश जी से बुद्धि की कामना करता है।

दीपावली एक बड़ा त्यौहार माना जाता हैं. हिन्दू परिवारों में इसका बहुत अधिक महत्व होता हैं इस कारण पुरे परिवार जन इस त्यौहार को मिलकर मनाते हैं. इस कारण नौकरी अथवा पढाई के कारण दूर गए घर के सदस्य त्यौहार के लिए घर आते हैं. इससे बढ़ती दूरियाँ कम होती हैं.

इस त्योहार के आने के कुछ दिन पहले ही इसकी तैयारी आरंभ हो जाती है । लोग अपने घरो में साफ़-सफाई और रंग-रोगन का काम आरंभ कर देते है। इस दिन घरो और बाजारों को खूब सजाया जाता है। कई लोग घरो में रंगोली बनाते है। इस दिन सब लोग अपने निजी सखे-सम्बन्धियों को उपहार देते है। बच्चे नए-नए वस्त्र पहनते है। इस दिन घरो में तरह-तरह के पकवान बनते है। रात को सब लोग लक्ष्मी पूजन करके पठाके चलाते है। इस दिन पुरे गाँव-शहर, गली-सड़के सब दीपक से रोशन किए जाते है।

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