Hindi Diwas Speech In Hindi- हिंदी दिवस पर भाषण- Speech On Hindi Diwas

Hindi Diwas Speech Bhashan In Hindi:- आज के इस लेख में आपके लिए लाए हैं Speech On Hindi Diwas 2018 को 14 सितम्बर के दिन मनाया जाता हैं. यह हिंदी भाषी लोगों के लिए ऐतिहासिक दिन हैं. हिंदी दिवस भाषण (Hindi Diwas Speech) में आपको स्टूडेंट्स के लिए जो कक्षा 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 में पढ़ रहे हैं तथा हिंदी दिवस- Hindi Diwas 2018 पर बोलने के लिए छोटे बड़े भाषण की तलाश में हैं तो हम आपकों यहाँ पर हिंदी डे पर स्पीच भाषण निबंध उपलब्ध करवा रहे हैं. Hindi Diwas Speech In Hindi- हिंदी दिवस पर भाषण- Speech On Hindi Diwas

Hindi Diwas Speech In Hindi- हिंदी दिवस पर भाषण- Speech On Hindi Diwas

भाषण एक विधा है हिंदी दिवस भाषण तथा निबंध स्पीच के बारे में बहुत से स्टूडेंट्स को आवश्यकता रहती है क्योंकि हिंदी के प्रचार व प्रसार के उद्देश्य से हिंदी दिवस- Hindi Diwas मनाया जाता हैं. स्कूल तथा कॉलेजों में निबंध तथा भाषण प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता हैं. जिसमें स्टूडेंट्स द्वारा हिंदी दिवस पर भाषण (स्पीच) निबंध कविता स्लोगन कोट्स आदि की प्रस्तुती देने के लिए कहा जाता हैं.

हिंदी दिवस भाषण बोलने वाले वक्ताओं को इसे मनाने का कारण, मुख्य तिथियों तथा हिंदी दिवस का इतिहास भी पता होना चाहिए. इन जानकारी को आप अपने भाषण में जोड़कर उसे और अधिक सारगर्भित बना सकते हैं. निचे दिए गये हिंदी दिवस भाषण को पढने से पूर्व आपकों इस दिन के इतिहास पर नजर डालनी चाहिए.

हिंदी दिवस क्यों मनाया जाता हैं कारण व इतिहास

१४ सितम्बर के दिन ही हर साल हिंदी दिवस मनाने का कारण यह है कि इसी दिन 1949 में हिंदी व अंग्रेजी को भारत की आधिकारिक भाषा के रूप में घोषित किया गया था. कुछ महीने बाद 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान पुरे देश में लागू किया गया था. आपकों बता दे 14 सितम्बर को हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत 1953 में हुई थी उस दिन से आज तक लगातार हम हर साल स्कूलों में हिंदी दिवस मनाते हैं.

जब संविधान सभा ने अंग्रेजी और हिंदी को भारत की राजभाषा बनाया तो बकायदा यह भी प्रावधान किया था कि अगले 15 वर्षों तक ही अंग्रेजी को हिंदी के साथ साथ राजभाषा रखा जाएगा, इसके बाद इसे समाप्त कर दिया जाएगा. मगर जब 1965 में इसकी समीक्षा करने का अवसर आया तो साऊथ में तमिलनाडु में हिंदी के विरोध में प्रदर्शन किए गये. इस कारण आज तक हमारी मातृभाषा अपना हक़ नही प्राप्त कर पाई हैं. अब आपके लिए हिंदी दिवस पर भाषण यहाँ पर उपलब्ध करवा रहे हैं.

हिंदी दिवस पर भाषण (Hindi Diwas Speech & Speech On Hindi Diwas 2018 In Hindi)

दोस्तों आज का दिन बेहद ख़ास है आज है हिंदी दिवस. आज ही के दिन भारतीय संविधान में औपचारिक तौर पर इसे भारत की राजभाषा होने का सौभाग्य मिला था. हमारे स्वतंत्रता सैनानियों का सपना था कि आजाद भारत की अपनी एक राष्ट्रभाषा हो, जिससे एक प्रान्त के लोग अन्य क्षेत्र के लोगों की भाषा को भी समझ सके.

उन्हें यह विशवास था कि देश को भावनात्मक रूप से एकता प्रदान करने का कार्य हिंदी ही कर सकती हैं. इसकी वजह यह थी कि अब तक भारत में हिंदी को छोड़कर ऐसी कोई भाषा नही है जो दो या इससे अधिक प्रान्तों में बोली जाति हैं. इसी कारण संविधान में हिंदी की देवनागरी लिपि को भारत की राजभाषा बनाया गया. उन्हें यह अंदेशा था कि जब तक पूर्ण रूप से हिंदी भारत की राजभाषा नही बन पाएगी तब तक भारत को एकता के सूत्र में नही बांधा जा सकेगा. इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें एक निश्चित सीमा तक अंग्रेजी को इसकी सहयोगी बनाया था.

हमारे संविधान निर्माता यह कह चुके थे कि जब तक अंग्रेजी का भारत से निष्कासन नही होगा हम पूर्ण रूप से स्वतंत्र नही कहला पाएगे. उनका विशवास था कि आगामी 15 वर्षों में हिंदी वो स्थान प्राप्त कर लेगी तथा सभी लोगों के लिए सर्वमान्य हो जाएगी. मगर दुर्भाग्य की बात है कि उनकें वंशज आज तक भारत की राजनीति में बैठे है जिन्होंने डिवाइड एंड रुल की पालिसी के आधार पर भारत को अभी भी बांटा हुआ हैं.

भारत में हिंदी विरोधी आन्दोलन से राष्ट्र द्रोह की बू आती है आनी भी चाहिए, क्योंकि आप एक विदेशी भाषा का समर्थन कर रहे है. जो कभी इस संस्कृति का हिस्सा नही रही हैं. एक तरफ आप भारतीय संस्कृति की मूल आत्मा संस्कृत की उत्तराधिकारी हिंदी का विरोध करना और इस सम्बन्ध में यह तर्क देना कि यह गैर हिंदी भाषियों पर थोपी जा रही हैं. यह न्यायसंगत नही हैं एक भाषा जो आपके पुरखों के संवाद का माध्यम थी जो आज आपके लिए पराई हो गई. यह एक राजनितिक षड्यंत्र है.

एक राष्ट्रभाषा के मापदंड़ो पर हिंदी पूर्ण रूप से खरी उतर रही हैं. भारत का एक भी प्रान्त ऐसा नही हैं जहाँ लोग हिंदी को नही बोलते अथवा नही समझते. फिर आजादी के 72 साल बाद भी हमारे स्वतंत्रता सैनानियों का सपना अधुरा क्यों हैं. संविधान निर्माताओं ने सर्वमान्य व देशभर में प्रचलित हिंदी को यू ही नही भारत की एक भाषा का हकदार बनाने का सपना देखा था बल्कि वो उन सारे गुणों से सम्पन्न थी जो एक राष्ट्र की भाषा में होना चाहिए.

हिंदी के बारे में यह बात प्रचलित है कि यह दुनियां की सबसे बड़ी सर्वग्राही भाषा हैं. इसमें अंग्रेजी, चीनी, अरबी, स्पैनिश, फ्रेंच सहित दुनिया की अधिकतर भाषाओं की शब्दावली हिंदी ने स्वीकार कर ली. स्वयं हिंदी भाषा के जानकार अब इसका विरोध करते हैं उनका मानना है कि केवल शुद्ध हिंदी वही है जिसमे संस्कृत के तत्सम शब्दों को लिया गया हैं. अन्य विदेशी शब्दों को हिंदी की शब्दावली से बाहर कर इसे शुद्ध बनाने का दावा एक संकीर्ण सोच हैं. जो भाषा सबसे अधिक भाषाओं के साथ सम्बन्ध बनाए रखती है वह विकसित भाषा कहलाती हैं.

मित्रों Hindi Diwas Speech In Hindi में हमने आपकों हिंदी दिवस पर भाषण स्पीच उपलब्ध करवाया हैं. Speech On Hindi Diwas में आपकों कही सुधार की गुजाइश लगे तो अपने सुझाव कमेन्ट कर हमें जरुर बताएं. Hindi Diwas Speech को इस अवसर पर अपने मित्रों के साथ जरुर शेयर करे.

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