दिवाली के 5 दिन का महत्व | Five days of Diwali Importance In Hindi

आ रहा है दीपावली का उत्सव, दीपावली का अर्थ है दीपकों की पंक्ति, यह एक संस्कृत शब्द है जो भारतीय पर्व के लिए प्रयुक्त किया जाता हैं. दिवाली एक हिन्दुओं का पर्व हैं जो पांच दिनों तक मनाया जाता हैं. “Five days of Diwali Importance In Hindi” में हम आज दिवाली के 5 दिन के महत्व पर बात करेगे. धनतेरस, नरक चतुर्दशी (छोटी दीपावली, रूप चौदस), दिवाली, गोवर्धन पूजा एवं भाईदूज ये दीपावली के पांच पर्व कहलाते हैं, दिवाली इनफार्मेशन इन हिंदी में पढ़ते है दीपावली का महत्व क्या हैं.

दिवाली 2018 : पांच दिनों का हैं पावन पर्व / Five days of Diwali Festival

Five days of Diwali

क्या है दिवाली का महत्व (What is the significance of Diwali)– मानव जीवन में समय के साथ भय बुराई द्वेष, इर्ष्य जैसे भाव यूँ ही घर कर जाते हैं. इस तरह के पर्वों के माध्यम से ही उनकी निकासी हो पाती हैं. दीपक की रोशनी तथा पटाखे की गुजं के साथ ही हमारे मनों के नकारात्मक विचार तथा भावनाएं हमसे दूर हो जाती हैं. हम इंसान से नफरत करते हैं न कि उसकी बुरी का. हमें व्यक्ति का दमन करने उसे राह से हटाने की बजाय उसकी बुराइयों, बुरी सोच का अंत कर देना चाहिए. खासकर दिवाली जैसे पर्व के अवसर पर सभी के साथ मिलजुलकर प्रेम से रहने आपसी बैर भूल जाने तथा शांति का संदेश देने ये उत्सव आते हैं. धनतेरस जो कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को मनाई जाती है इसी दिन से दीपावली पर्व की शुरुआत हो जाती हैं, पांच दिनों तक चलने वाले दिवाली पर्व का महत्व अलग अलग दिनों के अनुसार भिन्न भिन्न हैं.

What is the significance of Diwali

दिवाली धनतेरस का महत्व |Dhanteras in Hindi 

Five days of Diwali Importance- कोई भी पर्व हो चाहे होली दिवाली, हमारे घरों को सजाने संवारने तथा रंग रोगन व पुताई करने की परम्परा रही हैं. घर घर में माँ लक्ष्मी के आगमन में उनके स्वागत में रंगोली के डिजाइन बनाए जाते हैं. घरेलू सामग्री के साथ रंगोली के चित्र बनाकर आंगन में माँ लक्ष्मी के पद चिह्न बनाए जाते हैं. रात रात भर घर दीपकों की रोशनी से प्रकाशित रहते हैं. धनतेरस का दिन दिवाली से ठीक दो दिन पूर्व पड़ता हैं. इस अवसर पर लोग बाजार जाते हैं विभिन्न तरह के वस्तुओं की खरीद कर घर लाते हैं. इस दिन माँ लक्ष्मी कुबेर तथा धन्वन्तरीदेव की पूजा भी की जाती हैं.

धनतेरस का महत्व इन हिंदी

आयुर्वेद के भगवान या देवताओं के चिकित्सक धन्वन्तरि की जयंती के रूप में यह धनतेरस का उत्सव मनाया जाता हैं. इस दिन मृत्यु के देवता यमराज के नाम भी एक दीपदान किया जाता हैं. ऐसा करने से माना जाता हैं कि परिवार में किसी सदस्य की असमय मृत्यु नही होती हैं तथा उन्हें मृत्यु का भय नही सताता हैं.

धन्वन्तरिदिवाली नरक चतुर्दशी का महत्व |Naraka Chaturdashi In Hindi 2018

नरक चतुर्दशी की कथा– यह धनतेरस के बाद आने वाला दिवाली का दूसरा पर्व कहलाता हैं. इसे रूप चौदस तथा छोटी दिवाली भी कहते हैं. इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने को अति शुभ व पवित्र माना गया हैं. इस पर्व को मनाने के पीछे नरकासुर राक्षस की भगवान कृष्ण द्वारा वध की दिवाली स्टोरी जुड़ी हुई हैं. कहा जाता है कि नरकासुर ने देवताओं के राजा इंद्र को पराजित कर देव्राज्य से देवताओं को भगा दिया था तथा देवताओं की सोलह हजार कन्याओं को उसने बंदी बना लिया था. भगवान कृष्ण ने इस अत्याचारी से युद्ध किया तथा उसे पराजित कर कन्याओं को बंधन से मुक्त कराया. इसी मान्यता को मानते हुए आज भी नरक चतुर्दशी के अवसर पर सवेरे जल्दी उठकर तेल व पानी के साथ स्नान किया जाता हैं. इसे बुराई पर दिव्यता की विजय माना जाता हैं.

नरक चतुर्दशी |Naraka Chaturdashi

2018 दिवाली लक्ष्मी पूजन का महत्व | Lakshmi Pooja In Hindi

हम जिसे दीपावली या दिवाली कहते है जिसका मुख्य पर्व तीसरे दिन लक्ष्मी पूजन के रूप में होता हैं. यह कार्तिक माह की अमावस्या की तिथि को मनाया जाता हैं. भले ही हिन्दू धर्म में अमावस्या की रात्रि को अच्छा नही माना गया हैं. मगर दिवाली की रात चारों और दीपकों की रोशनी और भक्ति का माहौल हर किसी को बहुत भाता हैं. लगता हि नही की यह कोई काली अन्धकार भरी रात हैं. दिवाली की शाम शुभ मुहूर्त में लोग लक्ष्मी जी का पूजन करते हैं माँ को प्रसाद चढाकर खुश किया जाता हैं.

हिन्दू धर्म में दिवाली का बहुत बड़ा महत्व हैं. इस दिन कई सारे साधू संतों ने समाधि ली थी. जिनमें महावीर जी तथा कृष्ण जी का नाम मुख्य हैं. दिवाली की कथा के मुताबिक़ यह अमावस्या का वही दिन हैं जब भगवान राम जी सीता तथा लक्ष्मण जी के साथ अयोध्या आए थे.

राजा विक्रम की ताजपोशी को चिह्नित करता है

दिवाली गोवर्धन पूजा का महत्व (बलि प्रतिपदा)

यह पांच दिन के दीपावली पर्व का चौथा दिवस गोवर्धन पूजा के नाम से जाना जाता हैं. राजा विक्रम की ताजपोशी को चिह्नित करता है. गोवर्धन पूजा की कथा के अनुसार देवराज इंद्र गोकुल के लोगों से क्रोधित हो गये उन्होंने भयंकर वर्षा के द्वारा गोकुल गाँव को डुबोना चाहा, मगर भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को उठाकर गाँव पर एक बूंद भी पानी नही गिरने दिया. कहा जाता है कि सात दिनों तक के इस संग्राम में अंत में इंद्र के घमंड को भगवान कृष्ण ने चूर कर रख दिया था.

दिवाली 2018 भाईदूज का महत्व  |BhaiDooj In Hindi

यह भाई और बहिन के प्रेम का त्योहार हैं यह दीपावली का पांचवा एवं अंतिम दिन भी हैं, बहिन द्वारा भाईदूज का व्रत भी रखा जाता हैं तथा उसकी लम्बी आयु की कामना की जाती हैं बदले में भाई अपनी बहिन को कीमती उपहार भी देता हैं.

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