Essay On diwali In Hindi For Class 9 | दिवाली पर निबंध कक्षा 9 के लिए | Hindi Nibandh On Diwali

Essay On Diwali In Hindi For Class 9 | दिवाली पर निबंध कक्षा 9 के लिए | Hindi Nibandh On Diwali: आज के इस निबंध लेखन short essay on Diwali in Hindi for class 9 में आपका स्वागत हैं. छात्र के लिए दिवाली का निबंध हिंदी में नौवी के लिए Diwali Essay In Hindi For Class 9 की आप खोज कर रहे है तो आप सही स्थान पर हैं. विद्यार्थियों को होली दिवाली दशहरा पर हिंदी में निबंध भाषण रिपोर्ट अनुच्छेद पैराग्राफ आदि लिखने को कहा जाता हैं. हिन्दुओं के महत्वपूर्ण पर्व दीपावली का Hindi Nibandh On Diwali यहाँ पर आपके लिए 5 लाइन, 10 लाइन, 100,200, 250,300,400,500,600,1000 शब्दों में निबंध दिवाली के लिए दिया गया हैं. आप इस दीवाली शोर्ट एस्से 2018 को अपने भाई बहिनों को याद करवा सकते हैं.

Essay On Diwali In Hindi For Class 9Essay On diwali In Hindi For Class 9

importance of Diwali festival 10 lines short essay on Diwali with headings for class 2 child Diwali par in Hindi: उजाले का पावन पर्व दिवाली सम्पूर्ण भारत में हर्ष एवं उल्लास के साथ मनाया जाता हैं. भारतीय पंचाग के अनुसार यह कार्तिक अमावस्या तिथि के दिन मनाते है जो अक्टूबर या नवम्बर माह में पड़ता हैं. वर्ष 2018 में दिवाली का यह त्योहार 7 नवम्बर को मनाया जाना हैं इस अवसर पर देश भर में राजकीय अवकाश होता हैं. भारत के अतिरिक्त विदेशों में भी इसे बड़ी धूमधाम के साथ मनाया जाता हैं, जहाँ प्रवासी भारतीय रहते हैं. आज का यह दिवाली हिंदी निबंध उन स्टूडेंट्स के लिए है जो परीक्षा के लिए कक्षा 9 में दीपावली का निबंध याद करना चाहते हैं. चलीयें आरम्भ करते हैं.

diwali In Hindi Essay For Class 9

दिवाली त्यौहार का इतिहास WHY IS DIWALI CELEBRATED? HISTORY OF DEEPAWALI: भारत में अनेकों पर्व मनाए जाते है दिवाली अर्थात दीपावली उनमें से एक हैं. यह हिन्दुओं का सबसे त्यौहार होने के साथ साथ सिख जैन एवं बौद्ध धर्म अनुयायियों द्वारा मनाया जाता हैं. सिख धर्म में इस दिन को बंदी मुक्त दिवस के रूप में मनाते है इस दिन उनके छठे गुरु हरगोविंद सिंह को मुगलों की बंदी गृह से मुक्ति मिली थी. हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार भगवान् श्रीराम इस दिन चौदह वर्ष का वनवास पूर्ण कर आयौध्या लौटे थे. उनके आगमन के हर्ष में लोगों ने इस दिन को एक पर्व के रूप में मनाया तथा घर घर घी के दिए जलाकर प्रभु श्रीराम का स्वागत किया था.

दीपावली क्यों मनाते हैं Why DIWALI CELEBRATED

कहा जाता है कि जिस दिन प्रभु श्रीराम अयोध्या लौटकर आए थे वह रात्री कार्तिक अमावस्या की थी. चारों ओर के अंधकार से छुटकारा पाने के लिए लोगों ने दीपक जलाए थे. तब से यह रोशनी का पर्व मनाया जाने लगा हैं. रामायण के अनुसार अयोध्या आने से पूर्व राम के वनवास के समय सीता का रावण द्वारा हरण कर लिया जाता है. जिस पर राम रावण के मध्य एक घनघौर युद्ध होता हैं जिसमें दुष्ट रावण मारा जाता हैं. इसलिए यह पर्व अंधकार पर प्रकाश, अन्याय पर न्याय, अधर्म पर धर्म की विजय को दिखाता हैं.

दिवाली से जुड़ी कई और भी मान्यताएं है ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान् महावीर स्वामी ने निर्वाण प्राप्त किया था. इस कारण जैन लोग इस दिन को निर्वाण दिन के रूप में भी मनाते हैं. महाभारत कालीन एक पौराणिक कहानी में यह भी बताया गया है कि पांडवों ने भी 14 वर्ष का वनवास इसी दिन पूर्ण किया था. जिसके बाद वे दिवाली के दिन ही हस्तिनापुर लौट आए थे.

यदि हम इस पर्व के नामकरण शब्द दीपावली का विश्लेषण करे तो यह शब्द दो शब्दों से बना है दीप और अवली की संधि से बने इस शब्द का तात्पर्य है दीपों की कतार या पंक्ति. यानि इस दिन घर घर में कतारबद्ध दियें जलाए जाते है. हर जगह दीपकों की लाइन ही नजर आती है. संभवतया इसी कारण से इसका यह नाम पड़ा हैं.

दीपावली कैसे मनाते हैं HOW IS DIWALI CELEBRATED

अब हम बात करेगे कि आखिर यह पर्व कैसे मनाया जाता हैं. हर उम्रः का व्यक्ति बड़ी बेसब्री से दीपावली की ताक लगाए बैठा रहता हैं. अनलिमिटेड खुशी एवं उत्साह के इस पर्व में घरों की साफ़ सफाई भी बड़े जोर शोर से की जाती हैं. कई दिन पूर्व से ही लोग अपने घर की सफाई के अभियान में लग जाते हैं. गंदगी को हटाकर चमचमाते घर एवं वातावरण में यह पर्व जन जन के दिलों को बड़ा सुकून प्रदान करता हैं.

दीवाली पर एक तो घरों की खूब सजावट होती है वही बाजार भी इसके आगमन एवं स्वागत में सज धज जाते है. मिष्ठान कपड़े मूर्तियों एवं पटाखों की बाजार में बहार आ जाती हैं. लोग खरीददारी के लिए बाजार निकलते हैं. दिवाली की रात माँ लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. जीवन में खुशहाली की कामना के लिए माता लक्ष्मी के स्वागत में घर के आंगन में रंगोली बनाई जाती है दीपक जलाकर रात भर घर के दरवाजे खोल दिए जाते हैं.

दीपावली 2018 कब है DEEPAWALI / DIWALI 2018 DATE

पांच दिनों के इस दिवाली पर्व का अपना सामाजिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व हैं. लोग इसे धर्म एवं आस्था के साथ मनाते हैं. दीपावली का पहला दिन धनतेरस का होता है इसका अगला दिन नरक चतुर्दशी का तथा तीसरा दिन बड़ी दिवाली हैं. इसके बाद के दो पर्व गौवर्धन पूजा एवं भाई दूज मनाए जाते हैं. यह पर्व पर लाखों करोड़ो रूपये के पटाखे छोड़े जाते है जिससे पर्यावरण को बड़ी क्षति पहुचती हैं. हमें किसी आदेश अथवा सलाह पर नही बल्कि अपनी प्रकृति के संरक्षण के लिए कम से कम प्रदूषण के साथ इस पर्व को मनाना चाहिए.

यदि हम आतिशबाजी में किये खर्च की जगह वही धन किसी गरीब को दे तो यकीनन माँ लक्ष्मी हमारे इन क्रमों से अधिक प्रभावित होगी. मैं आशा करता हूँ Essay On diwali In Hindi For Class 9 का यह दिवाली निबंध आपकों अच्छा लगा होगा, यदि इस आर्टिकल में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगे तो प्लीज इसे शेयर करे, इससे सम्बन्धित लेख नीचे दिए गये हैं.

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