Essay On Dhanteras In Hindi | धनतेरस पर निबंध 2018

Essay On Dhanteras In Hindi | धनतेरस पर निबंध 2018: हेल्लों फ्रेड्स आज के धनतेरस निबंध (Hindi Nibandh On Dhanteras) में हम जानेगे Dhanteras 2018 Significance, Worship Method, Poem Shopping Dhan Teras Dhanteras Puja Vidhi In Hindi पर विस्तार से चर्चा करेगे. होली दिवाली दशहरा रक्षाबंधन ईद क्रिसमस की तरह धनतेरस भी एक महत्वपूर्ण हिन्दू पर्व हैं. विद्यार्थियों को यदि Short Dhanteras Essay लिखने को कहा जाता है तो आप आर्टिकल की मदद ले सकते हैं. आपकों पता ही होगा यह दिवाली के पांच पर्वों में से एक महत्वपूर्ण पर्व है जिनसे दीपावली की शुरुआत मानी हैं.

Dhanteras Essay In Hindi 2018

धनतेरस की कहानी कथा – story of Dhanteras in hindi … Dhan Teras festival in hindi धन त्रयोदशी त्यौहार क्या है कब कैसे और क्यों मनाया जाता हैं 2018 में कब हैं: धनतेरस शब्द की उत्पत्ति दो शब्दों धन और तेरस से हुई है जिसका तात्पर्य है धन अथवा सम्पति देने वाली त्रयोदशी तिथि. यह दिवाली के पर्व का एक महत्वपूर्ण दिवस हैं. जो कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी तिथि को पड़ता हैं. बड़ी दिवाली से दो दिन पहले पड़ने वाले इस उत्सव को 2018 में 5 नवम्बर सोमवार के दिन मनाया जाना हैं, इस दिन भगवान् धन्वंतरि का जन्म हुआ था इस कारण इन्हें धन्वन्तरी जयंती अथवा राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में भी मनाया जाता हैं. धनतेरस का त्यौहार निबंध में हम बच्चों के लिए शोर्ट धनतेरस निबंध एस्से प्रस्तुत कर रहे हैं.

Essay on Dhanteras Festival in Hindi

धनतेरस 2018 When is Dhanteras? धनतेरस की कहानी Dhanteras Story in Hindi: हमारी संस्कृति में कहा गया है कि पहला सुख निरोगी काया तथा दूसरा सुख घर में माया. यानि स्वास्थ्य का महत्व धन, अर्थ से अधिक माना गया हैं. यही वजह है कि हमारी सभ्यता एवंम संस्कृति के पर्याय आदर्शों को लेकर यह पर्व मनाया जाता हैं. इस दिन को मनाने की कहानी के अनुसार इस दिन भगवान धन्वंतरि का जन्म हुआ था. जिन्हें आरोग्यता के देव तथा विष्णु का अवतार माना गया हैं. यह भी मान्यता है कि जब उनका जन्म हुआ तो उनके हाथ में ताबे का कलश था, जिसके कारण आज भी धनतेरस को बर्तन आदि खरीदना शुभ माना जाता हैं.

धनतेरस पूजा 2018  Dhanteras Puja

धनतेरस का पर्व सम्पूर्ण भारत में अलग अलग तरीके से मनाया जाता हैं. महाराष्ट्र राज्य में इस दिन  सूखे धनिया के बीज को पीसकर गुड़ के बने नेवेद्य का महत्वपूर्ण स्थान हैं. इस दिन कृषक एवं पशुपालक अपने धन साधन की पूजा करते है पशुओं को सजाया जाता हैं. कही कही पर गौमाता की पूजा भी की जाती हैं.

रात में माँ लक्ष्मी, कुबेर एवं यमराज के दीपदान किये जाते हैं. मृत्यु के देवता यमराज के वरदान के मुताबिक़ जो मनुष्य इस दिन उनका दीपदान करेगा, उनके परिवार में कभी भी अकाल मृत्यु का भय नही रहेगा. वही धन एवं एश्वर्य की देवी माँ लक्ष्मी की आराधना कर उनकी पूजा कर दीपक जलाए जाते है तथा सभी के अच्छे स्वास्थ्य एवं सुख सम्रद्धि की कामना की जाती हैं.

धन तेरस का दिन खरीददारी के लिए शुभ माना जाता हैं. इस दिन गहने बर्तन वाहन आदि मुख्य रूप से खरीदे जाते हैं. चांदी के बर्तनों को खरीदने का विशेष महत्व हैं. कहा जाता है इस दिन खरीदी गई वस्तु तेरह गुना लाभ प्रदान करती हैं.

धनतेरस का महत्व (Importance Of Dhanteras)

सम्पूर्ण दिवाली पर्व को माँ लक्ष्मी के साथ जोड़ा जाता हैं, कहा जाता है कि इन दिनों यदि विधि विधान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा की जाए तो परिवार में धन दौलत की कमी नही रहती है तथा दरिद्रता का नाश हो जाता हैं. इस कारण भी दिवाली के इस पहले पर्व का विशेष महत्व हैं, लोग अपने सामर्थ्य के अनुसार वस्तुएं खरीदते है तथा सांयकाल को घर के मुख्य द्वार पर घी के दीपक भी जलाए जाते हैं.

आशा करता हूँ मित्रों धनतेरस पर निबंध 2018 का यह लेख आपकों अच्छा लगा होगा. यदि आपकों dhanteras story,  dhanteras meaning, dhanteras 2018 में दी गई जानकारी अच्छी लगी हो तो प्लीज इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर करे. इससे जुड़े अन्य निबंध लेख शायरी कोट्स आदि नीचे दिए गये हैं.

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