Diwali Essay In Hindi For Class 5 | दिवाली पर निबंध कक्षा 5 के लिए

Diwali Essay In Hindi For Class 5 | दिवाली पर निबंध कक्षा 5 के लिए: आप सभी को हैप्पी दिवाली 2018. Diwali Essay In Hindi For Class 5Th के इस आर्टिकल में कक्षा 5 के स्टूडेंट्स के लिए दिवाली पर छोटा निबंध लेकर हाजिर हैं. इससे पूर्व के लेख में हमने Class 1,2,3,4,5,6,7,8,9,10 के बच्चों के लिए 5 लाइन, 10 लाइन, 100,150,200,250,300, 400, और 500 शब्दों में Essay On Diwali In Hindi के लेख प्रस्तुत किये हैं. पांचवी क्लाश के बच्चों के लिए यहाँ 400 शब्दों में दिवाली का निबंध दिया जा रहा हैं. सरल भाषा में लिखा गया यह शोर्ट दिवाली एस्से 2018 स्टूडेंट्स आसानी से साथ याद कर सकते हैं.

Diwali Essay In Hindi For Class 5Diwali Essay In Hindi For Class 5 | दिवाली पर निबंध कक्षा 5 के लिए

five lines on Diwali in Hindi Diwali -10 Lines Essay, Speech in English, Hindi for Class 4 Students: आगामी 7 नवम्बर बुधवार को हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्योहार दिवाली हम मनाने जा रहे हैं. वर्ष भर पड़ने वाले पर्वों दशहरा, होली, रक्षाबंधन इत्यादि में दीपावली को सबसे बड़ा उत्सव माना जाता हैं. दीपावली का अर्थ होता है दीपो की पंक्ति, इस कारण इसे दीपोत्सव के नाम से भी जाना जाता हैं. कार्तिक अमावस्या तिथि को दिवाली मनाई जाती हैं यह पांच त्योहारों का मिला नाम हैं, जिसकी शुरुआत धनतेरस से हो जाती है जो नरक चतुर्दशी, लक्ष्मी पूजा या बड़ी दिवाली के बाद गौवर्धन पूजा एवं भाई दूज तक इसकी रौनक चलती हैं. लीजिए पढिये बच्चों के लिए प्रस्तुत शोर्ट दिवाली एस्से 2018 हिंदी भाषा में.

Short Diwali Essay In Hindi For Class 5th In 500 Words

परिचय-

दीपावली हिन्दुओं का प्रमुख त्यौहार है जो साल में एक बार अक्टूबर नवम्बर माह में पड़ता हैं. यह उत्सव को मनाने के पीछे की सभी धर्मों में अलग अलग मान्यताएं एवं कहानियाँ प्रचलित हैं. हिन्दू धर्म की मान्यता के अनुसार जब भगवान् राम लंका के दुष्ट अत्याचारी रावण का अंत कर अपने 14 वर्ष के वनवास की अवधि को पूर्ण कर अयोध्या लौटे तो वहां की जनता ने घी के दिए जलाकर उनका स्वागत किया तभी से हर साल कार्तिक अमावस्या तिथि को दिवाली मनाते है तथा इस दिन बड़ी संख्या में दीपक जलाकर सम्पूर्ण घर को रौशनी से नहलाया जाता हैं.

दिवाली का दूसरा महत्व यह है कि यह पर्व खरीफ की फसल कटने के पश्चात तथा शीत ऋतू के आगमन तथा रबी की फसल के बोने से पूर्व की अवधि में मनाया जाता हैं. इस तरह से यह किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण पर्व है वो अपनी खरीफ की फसल लेने के बाद खुशी से इस उत्सव को मनाते हैं. दिवाली पर लोग एक दूसरे को शुभकामनाएं देते है तथा उनके लिए यह दिवाली ढेर सारी खुशियाँ लेकर आए इसकी कामना की जाती हैं.

संदेश –

दीपावली को बुराई पर अच्छाई, अंधकार पर प्रकाश तथा असत्य पर सत्य की विजय का प्रतीक माना जाता हैं. पाँचों दिनों के दौरान लोग धर्म व आस्था से स्वयं को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं. मुख्य देवी देवताओं की पूजा अर्चना की जाती हैं तथा उनसे सम्रद्धि का आशीर्वाद माँगा जाता हैं. दिवाली आने के एक माह पूर्व से ही लोग अपने घरों की सफाई तथा इसे सजाने के कार्य में जुट जाते हैं. एक तरह से यह पर्यावरण की स्वच्छता का अभियान इस पर्व को और अधिक आकर्षक बनाता हैं. बड़ी संख्या में दिवाली की रात को आकाश में फटाखों की गूंज रात भर सुनाई पड़ती हैं.

बच्चों के लिए दिवाली-

किसी पर्व अथवा खुशी के माहौल का सबसे अधिक आनन्द बच्चे ही उठाते हैं. उनके लिए दिवाली पर कई दिनों की लम्बी छुटियाँ भी मिल जाती है जिससे वे अपने दोस्तों व रिश्तेदारों के यहाँ आसानी से घुमने भी चले जाते हैं. माता-पिता तथा बड़ों के साथ बाजार में जाते समय अपने लिए मिठाइयां खिलोने तथा नयें वस्त्र लाना हर बालक की इच्छा होती हैं. अध्यापकों द्वारा भी बच्चों को छुट्टियाँ देने से पूर्व उनके कार्यक्रमों के बारे में जाना जाता है उन्हें होमवर्क भी दिया जाता हैं. साथ ही दिवाली की आतिशबाजी से दूर रहने की सलाह के साथ उन्हें इस पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं भी पेश की जाती हैं.

पांच दिनों की दिवाली से बड़ा कोई भारतीय उत्सव नही है इससे पूर्व बच्चे नवरात्र की रामलीला एवं दशहरा में रावण दहन का भी पूरा लुफ्त उठाते हैं. दीपावली के पहले दिन को धनतेरस, दूसरे को छोटी दीवाली, तीसरे को दीपावली या लक्ष्मी पूजा, चौथे को गोवर्धन पूजा, तथा पाँचवें को भैया दूज कहते है बच्चे इन पर्वों में स्वयं को बेहद आनन्दित महसूस करते हैं उन्हें धार्मिक रस्मों रिवाज का भी अनुभव मिलता हैं तथा सभी के साथ मिलकर त्यौहार मनाने का लुफ्त लेते हैं.

दिवाली क्यों मनाई जाती हैं –

अन्याय पर न्याय की विजय की प्रतीक दिवाली सदा हमें सत्य के पक्ष में खड़े होने का संदेश देती हैं. इसका सामाजिक पहलु अपने मित्रों दोस्तों तथा रिश्तेदारों की सहभागिता के साथ लोगों में मानवीय प्रेम तथा एकता के भाव को जगाता हैं. सदियों से हम इस उत्सव को मनाते आ रहे हैं. भारत तथा दुनियां के अन्य देशों में इसे मनाने का तरीका तथा रस्मों रिवाज अलग अलग हैं. मगर सभी जगह भक्ति आस्था हर्ष एवं उल्लास के भाव आम होते हैं. दिवाली की रंगोली की चित्रकारी तथा लाइट्स की सजावट से घर स्वर्ग सा लगता हैं. हर कोई चाहता है हर दिन दिवाली हो तथा वो इस पर्व का यूँ ही हमेशा लुफ्त उठाते रहे. हम इस दिवाली खूब दीपक जलाएं हमारे मन के मलिन विचारों का त्याग कर सभी के साथ खूब मस्ती करे अपनों के साथ मिलकर खुशी से जीवन व्यतीत करे.

उपसंहार

जश्न ए चिराग, दीपों का त्यौहार, दीपोत्सव या दिवाली भले ही इन्हें कई नामों से जाना जाता हैं. मगर इसका महत्व आज भी बना हुआ हैं. सदियों पुरानी दिवाली मनाने की इस परम्परा में हम शराब पीना, जुआ खेलना इन तरह की बुराइयों को जोड़ने की बजाय मानव मानव का दिल जोड़ने का सार्थक प्रयास किये जाने चाहिए. पांच दिनों के इस पर्व को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्यवर्धक उत्सव मनाये.


आशा करता हूँ मित्रों Diwali Essay In Hindi For Class 5 का यह लेख आपकों अच्छा लगा होगा. दिवाली निबंध के इस लेख में दी गई जानकारी आपकों पसंद आई हो तो प्लीज इसे सोशल मिडिया पर अधिक से अधिक शेयर करे. यदि आप दिवाली 2018 पर अधिक निबंध भाषण शायरी रंगोली डिजायन लेख आर्टिकल इत्यादि की जानकारी प्राप्त करना चाहते है तो नीचे दिए गये सम्बन्धित पोस्ट कोर्नर में जाए.

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