Diwali Essay In Hindi For Class 4 | दिवाली पर निबंध कक्षा 4 के लिए

Diwali Essay In Hindi For Class 4 | दिवाली पर निबंध कक्षा 4 के लिए: सभी पाठकों को दिवाली की बधाई. Diwali Essay In Hindi में आज Class 4 के स्टूडेंट्स के लिए दिवाली पर छोटा निबंध यहाँ उपलब्ध करवा रहे हैं. 10 वर्ष तक के बालक बालिकाओं के लिए सरल भाषा में लिखा गया यह शोर्ट दिवाली एस्से 2018 को आप 10 lines on diwali in hindi for class 4 & Short Essay On Diwali Class 4 का यह संक्षिप्त एवं बड़ा निबंध भाषण अनुच्छेद लेख को 100, 200, 250, 300, 350, 400, 450 और 500 शब्द सीमा के अनुसार आप विभक्त कर सकते हैं. भारत के सबसे बड़े पर्वों में से दिवाली का निबंध हरेक परीक्षा में लिखने के लिए स्टूडेंट्स से पूछा जाता हैं.

Diwali Essay In Hindi For Class 4Diwali Essay In Hindi For Class 4

deepawali par nibandh & essay on diwali in hindi wikipedia: सांस्कृतिक परम्पराओं एवं मान्यताओं की भूमि भारत पर हर दिन कोई न कोई पर्व त्योहार अवश्य होता है कभी ईद कभी दशहरा कभी होली. इसी तरह शरद ऋतू के आगमन एवं वर्षा ऋतू की समाप्ति पर हिन्दुओं का सबसे बड़ा त्यौहार यानी दीपावली मनाया जाता है जिसे दीपों का त्यौहार दिवाली के रूप में जाना जाता हैं. बुराई पर अच्छाई, असत्य पर सत्य एवं अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक यह पावन त्योहार कार्तिक माह की अमावस्या तिथि को मनाया जाता हैं. 2018 में दिवाली का त्योहार 7 नवम्बर को मनाया जाएगा. कक्षा 4 के बच्चों के लिए दिवाली 2018 छोटा निबंध हिंदी में यहाँ दिया जा रहा हैं.

Short Diwali Essay In Hindi For Class 4th Students & Kids

परिचय-

दिवाली हिन्दुओं का सालभर में मनाए जाने वाले पर्वों में सबसे बड़ा पर्व माना जाता है जो भारत के साथ साथ अन्य देशों में भी मनाया जाता हैं. इसे मनाने की पीछे की कथा के अनुसार जब भगवान् राम 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर लंका का अत्याचारी शासक रावण का अंत आयौध्या आये तो वहां की जनता ने हर्ष के इस दिन को त्योहार की तरह मनाया.

कार्तिक अमावस्या की रात्रि को जब चित्रकूट के रास्ते भगवान् राम माता सीता भाई लक्ष्मण व परम भक्त हनुमान के साथ अयोध्या की सीमा में आये तो वहां की जनता अपने राजा के स्वागत में घी के दिये जलाकर उनका स्वागत करने लगी. इस तरह बुराई पर अच्छाई की जीत का यह प्रतीक बन गया.

हिन्दू सम्प्रदाय के अतिरक्त इसे बौद्ध जैन एवं सिख धर्म के लोग भी इतनी ही आस्था के साथ मनाते हैं. बौद्ध धर्म से जुड़ी पौराणिक कथा के अनुसार उनके छठे गुरु को कार्तिक अमावस्या के दिन ही जहाँगीर द्वारा रिहा किया गया था इस तरह से इसे रिहाई दिवस के रूप में मनाया जाता हैं. जैन धर्म के 24 वें तीर्थकर महावीर स्वामी की मृत्यु इसी दिन हुई थी. इस कारण जैन समुदाय के लोग इसे निर्वाण दिवस के रूप में मनाते हैं.

दिवाली कब और क्यों मनाते हैं-

दिवाली मनाने की तिथि का निर्धारण भारतीय हिन्दू पंचाग के अनुसार होता हैं. हर वर्ष यह पर्व कार्तिक माह की पूर्णिमा तिथि को ही मनाया जाता हैं. अमावस्या की रात्रि घने अंधकार भरी होती हैं. दीपोत्सव के पर्व की रौशनी से सारा संसार जगमगा उठता है. इसी को प्रतीक मानते हुए दुःख एवं दरिद्रता भरे जीवन में माँ लक्ष्मी का वैभव व समस्त सुख सम्पति का आशीर्वाद दिवाली देती हैं. जो अँधेरे भरे जीवन में उजाले का नया दीपक जलाती हैं.

कहा जाता है इसी दिन भगवान् श्रीराम अयोध्या लौटे थे उनके आगमन पर वहां के लोगों ने दीपक जलाकर उनका स्वागत किया गया था. इस अवसर पर घर दूकान प्रतिष्ठान सभी की सजावट की जाती हैं. बाजार में खरीददारी की चहल पहल रहती हैं. इस दिन लोग कपड़े बर्तन गहने इत्यादि की खरीद करते हैं. दीपावली की शाम को घर में दीपक या विद्युत् मालाओं से घर को सजाया जाता हैं. रंग बिरंगी बत्तियों से जगमग यह संसार स्वर्ग की तरह प्रतीत होता हैं.

दिवाली कैसे मनाएं-

वर्षा ऋतू की समाप्ति एवं शरद ऋतू के आगमन की अवधि में मनाया जाने वाला दिवाली पर्व खुशी एवं उत्साह का त्योहार हैं. इस अवसर पर लोग एक दूसरे को दिवाली की शुभकामनाएं भेजते है मिठाइयाँ देते है तथा सभी धर्मों के लोग मिलकर इस पर्व की रौनक को बढाते हैं.

दिवाली की तैयारी में घर की साफ़ सफाई का कार्यक्रम कई दिन पहले से ही शुरू हो जाता हैं. दशहरे के 20 दिन बाद दिवाली होती है तथा इसकी चहल पहल उसी समय से आरम्भ हो जाती है लोग अपने घरों को माँ लक्ष्मी के स्वागत के लिए दुल्हन की तरह सजाते हैं.

व्यापारी वर्ग के लिए यह दिन बेहद ख़ास होता हैं. वे दिवाली के शुभ लाभ से ही नववर्ष के बही खाते की शुरुआत करते हैं. रात्री को शुभ मुहूर्त की वेला में लक्ष्मी पूजन किया जाता है जिसकी प्रसाद सुबह सभी में वितरित की जाती हैं. इस दिन लोग अपनी बुरी आदतों का त्याग कर अच्छी आदत बनाने का संकल्प लेते हैं.

उपसंहार-

दिवाली भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार हैं. दीपक की रौशनी एवं उजाले को प्रतीक माने जाने के कारण इसे दीपावली अथवा दीपोत्सव भी कहा जाता हैं. जिस तरह से अमावस्या की अंधकार भरी रात्री में हमारा ये संसार स्वर्ग की भांति जगमगा उठता है हमें इस दिन यह संकल्प करना चाहिए कि अपने मन के बुरे विचारो आदतों को त्यागकर हम दीपक की पावन लौ की तरह अपने जीवन को भी मर्यादित एवं पावन बनाने का प्रयास करे, एक बुराई का अंत एक सच्चाई की शुरुआत दिवाली 2018 से ही करे.


आशा करता हूँ मित्रों Diwali Essay In Hindi For Class 4 का यह दिवाली का निबंध कक्षा 4 के बच्चों के लिए आपकों अच्छा लगा होगा. इस निबंध में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे अपने दोस्तों के साथ जरुर शेयर करे. यदि आओ दिवाली 2018 पर भाषण निबंध लेख आर्टिकल अनुच्छेद इत्यादि पढ़ना चाहते है तो नीचे दिए गये सम्बन्धित पोस्ट के कोर्नर में आप इन्हें खोज सकते हैं.

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