Dhanteras Puja 2018 इस तरह पूजा से मिलेगा तेरह गुणा धन दौलत

Dhanteras Puja 2018 इस तरह पूजा से मिलेगा तेरह गुणा धन दौलत : सबसे पहले मैं आपकों धनतेरस एवं दिवाली की बहुत बहुत शुभकामनाएं देता हूँ . हम सभी जानते हैं कि धनतेरस के दिन नयी नई वस्तुओं की खरीद करना शुभ माना जाता हैं. लेकिन यह बहुत कम लोग जानते है कि इस दिन धन की देवी माँ लक्ष्मी कुबेर धन्वन्तरी और यमराज का पूजन किया जाए तो घर में सुख स्वास्थ्य एवं सम्रद्धि की प्राप्ति होती हैं. आज के इस लेख में मैं आपके साथ dhanteras puja और पूजा विधि हिंदी में, धनतेरस 2018 शुभ मुहूर्त और पूजन सामग्री के बारे में आपकों बता रहा हूँ.

Dhanteras 2018 Pooja Vidhi Dhanteras Puja Muhurat Time DateDhanteras Puja

Dhanteras 2018 Puja: perform Dhanteras Puja at home 2018 Dhantrayodashi, Dhanteras Puja Date and Timings: यदि हम वर्ष 2018 में धनतेरस पूजा मुहूर्त की बात करे तो आपकों बता दे 5 नवंबर 2018, सोमवार यह धन त्रयोदशी की तिथि हैं. इस दिन के शुभ मुहूर्त में पूजन मुर्हुत, प्रदोष काल, वृषभ काल ये तीन अच्छे मुहूर्त हैं. 01:24 बजे, 5 नवंबर 2018 को तेरस तिथि का आगमन तथा 23:46 बजे, 5 नवंबर 2018 को त्रयोदशी समापन का समय हैं.  धनतेरस 2018 क्या है शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं.

  • धनतेरस पूजन मुर्हुत – 18:05 बजे से 20:01 बजे तक
  • प्रदोष काल – 17:29 से 20:07 बजे तक
  • वृषभ काल – 18:05 से 20:01 बजे तक

Dhanteras Puja का तरीका 2018

धनतेरस की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय सबसे अच्छा माना जाता हैं. 5 नवम्बर को प्रदोष काल – 17:29 से 20:07 बजे तक तक़रीबन ढाई घंटे की अवधि तक रहने वाला हैं.

  • धनतेरस के दिन की पूजा में सबसे पहले यमराज का पूजन अर्थात उनके नाम का एक दीपक जलाया जाता हैं ताकि अकाल मृत्यु का भय दूर हो सके.
  • इसके बाद धन्वंतरि की पूजा एवं उनके पश्चात गणेश जी व माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं.
  • पूजा के लिए सर्वप्रथम लकड़ी का एक पट्टा लेवे तथा उन पर रोली का स्वास्तिक बना लेवे.
  • उन पर तेल से भरा दीपक रखकर उन्हें जला देवे.
  • उसके बाद आप दीपक में एक कोडी डाल दे तथा इसके चारो ओर गंगाजल के तीन छीटे डाले तथा उसके बाद दीपक पर चावल तथा रोली का तिलक लगाएं.
  • अब दीपक में गुड चीनी अथवा मिठाई जैसे किसी मीठे मिष्ठान को डालकर भोग लगाए.
  • इसके बाद दीपक में एक रुपयें का सिक्का रखे तथा दीपक को प्रणाम करे तथा आशीर्वाद ले तथा परिवार के सभी लोगों को भी आशीर्वाद लेने को कहे.
  • इसके पश्चात परिवार सभी सदस्य दीपक को प्रणाम कर उन्हें घर के मुख्य द्वार पर रख देवे इस दौरान ध्यान रखे की दीपक का मुंह दक्षिण दिशा की ओर ही होना चाहिए.
  • इस धनतेरस पूजा विधि के अनुसार यम दीप का पूजन करने से घर में अकाल मृत्यु होने का भय दूर हो जाता हैं.

Dhanvatnatri Dhanteras Puja

यमराज के पूजन के पश्चात धन्वन्तरी की पूजा की जाती है ताकि परिवार के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य अच्छा रहे. धन्वन्तरी की पूजा करने के लिए अपने घर के पूजा मंदिर में जाए तथा ॐ धं धन्वन्तरये नमः मंत्र का 108 बार जाप करे. ऐसा करने के बाद स्वास्थ्य के देव धन्वंतरि से अच्छे स्वास्थ्य की कामना करे.

धनतेरस लक्ष्मी पूजा विधि

यम देवता एवं धन्वंतरि की पूजा के बाद धनतेरस के दिन माँ लक्ष्मी एवं गणेश जी की पूजा की जाती हैं. सबसे पहले भगवान् गणेश जी के आगे दिया जलाए उन्हें धुप बत्ती अर्पित करे. उन्हें फूल अर्पित करे एवं मिठाई चढाएं. इसके बाद इसी तरह महालक्ष्मी का भी पूजन करे. इस तरह से यदि आप धनतेरस की पूजा करते हैं तो आपके परिवार में किसी तरह की अकाल मृत्यु नही होगी सभी का स्वास्थ्य अच्छा रहेगा किसी तरह की बिमारी का प्रकोप नही होगा तथा माता लक्ष्मी का आशीर्वाद सदा आपके परिवार पर बना रहेगा.

आशा करता हूँ आपकों Dhanteras Puja का यह लेख अच्छा लगा होगा. यदि धनतेरस की पूजा विधि में दी गई जानकारी आपकों अच्छी लगी हो तो प्लीज इसे सोशल मिडिया पर जरुर शेयर करे. धनतेरस 2018 से जुड़े अन्य लेख निचे दियें गये हैं उन्हें भी जरुर पढ़े.

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