About Dhanteras In Hindi | धनतेरस की जानकारी निबंध महत्व मनाने का तरीका

About Dhanteras In Hindi | धनतेरस की जानकारी निबंध महत्व मनाने का तरीका : आप सभी को Happy dhan teras 2018 दिवाली से पूर्व मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहार धनतेरस के बारे में Information About Dhan teras In Hindi में आपकों धन तेरस 2018 में कब है डेट पूजन विधि मुहूर्त एवं स्टोरी के बारे में यहाँ जानकारी दे रहे हैं. यदि आप धनतेरस क्या है कब है क्यों मनाते है कैसे मनाते है ऐसे सवालों के जवाब ढूढ़ना चाहते है तो dhanteras in hindi में आपकों इसका अर्थ (मीनिंग) इत्यादि के बारे में विस्तृत बता रहे हैं.

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About Dhanteras In Hindi
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Dhanteras Pujan Vidhi in Hindi – धनतेरस पूजन विधि dhanteras puja vidhi Dhanteras Story | धनतेरस की पौराणिक कथा: पौराणिक कथा के अनुसार माना जाता है हिन्दू पंचाग के कार्तिक माह के कृष्ण पंखवाडे की त्रयोदशी तिथि के दिन आयुर्वेद के जनक भगवान धन्वन्तरि का अवतरण हुआ था. इसलिए इस दिन को उनके सम्मान में धन त्रयोदशी अथवा धनतेरस के रूप में हम हर साल मनाते हैं. भगवान धन्वन्तरि भारत में आयुर्वेद के जनक माने जाते है इस क्षेत्र में भारत का सम्पूर्ण विश्व का एकाधिकार हैं. भारत सरकार ने धन्वंतरि के जन्म दिन को राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया हैं.

About dhanteras meaning In Hindi

धनतेरस की मीनिंग एवं अर्थ की बात की जाए तो इस शब्द की उत्पत्ति का पहला उल्लेख जैन धर्म ग्रंथों में इनका नाम  धनतेरस को ‘धन्य तेरस’ या ‘ध्यान तेरस’ कहा गया हैं. इससे जुड़ी कहानी में बताया गया हैं. कि चौबीसवें तीर्थकर महावीर स्वामी जी धनतेरस के तीसरे और चौथे ध्यान में जाने के लिये योग निरोध के लिए जाया करते थे. यह प्रक्रिया तीन दिन तक चलती रही हैं आखिर दिवाली के दिन महावीर स्वामी ने अपनी देह त्याग दी थी. इस कारण जब त्रयोदशी तिथि को योग निरोध की शुरुआत उन्होंने की तो इस दिन को धन्य तेरस के रूप में जाना गया था.

dhanteras story In Hindi धनतेरस की पौराणिक कहानी

धनतेरस मनाने की कहानी भगवान् धन्वन्तरि से जुड़ी हुई हैं. ऐसा माना जाता हैं कि जब वे त्रयोदशी को कलश लेकर पृथ्वी पर अवतरित हुए तो लोगों ने इस दिन नयें बर्तनों की खरीद करने की परम्परा की शुरुआत कर दी. धनतेरस के दिन खरीददारी के पीछे लोगों की अलग अलग मान्यताएं हैं. ऐसा कहा जाता है जो वस्तु इस दिन खरीदी जाती है वो तेरह गुणा लाभ देती है इस कारण कुछ लोग बर्तन कुछ गहने तो कुछ वाहन, जबकि किसान लोग इस दिन धनिया की खरीद कर उसे किसी खेत में उगाया जाता हैं.

धन्वन्तरि जी भारतीय आयुर्वेद विज्ञान चिकित्सा के पिता समझे जाते हैं. उनकों समर्पित इस दिन लोग जिन वस्तुओं को सर्वाधिक खरीदते है उनमें चांदी की धातु मुख्य रूप से होती हैं. इसके पीछे दो तथ्य है. प्रथम यह कि चांदी को चन्द्रमा का प्रतीक माना गया हैं. जो शीतलता शान्ति एवं संतोष देता हैं. हमारे धर्म ग्रंथों में भी कहा गया है कि संतोष के बड़ा कोई धर्म नही हैं. जिस व्यक्ति के पास धन नही है मगर वह संतोषी स्वभाव का धनी है तो उसका जीवन अरबपति रईस से भी सुखी जीवन व्यतीत करेगा क्योंकि संतोष ही सबसे बड़ा धन है.

धनतेरस का दिन साल भर में सबसे अधिक खरीददारी किये जाने का दिन है लोग इस दिन लक्ष्मी पूजन की सामग्री एवं मूर्तियाँ भी खरीदते हैं. सायं को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाया जाता हैं. तथा धन के देवता कुबेर की पूजा भी की जाती हैं.

धनतेरस की कथा

Dhanteras Puja Information in Hindi | Dhanteras – बुधवार व्रत कथा:- इस पर्व के पीछे एक पौराणिक कथा जुड़ी हुई हैं. एक समय हेम नामक एक राजा हुआ करते थे उन्हें लम्बे समय पश्चात एक पुत्र की प्राप्ति हुई. जब पुत्र के जन्म पर राजा ने विद्वान ज्योतिषियों को बुलाकर राजकुमार की कुंडली निकलवाई तो वह इन्हें देखकर हैरान रह गया. विधि के विधान के अनुसार कुंडली में यह लिखा था कि इस बालक की विवाह से चार रोज बाद मृत्यु हो जाएगी. राजा यह पढ़कर बेहद व्याकुल हुआ, उसने इस समस्या का उपाय निकालते हुए राजकुमार को किसी ऐसी जगह पर भेजने का निर्णय किया जहाँ किसी नारी का नामोनिशान ना हो. मगर संयोग वंश एक दिन एक सुन्दरी एवं राजकुमार की मुलाक़ात हो गई, दोनों एक दुसरे से मोहित हो गये तथा इन्होने प्रेम विवाह कर लिया.

अब तो वह होना तो जो बालक के भाग्य में लिखा हुआ था. ठीक विवाह के चार दिन बाद यमराज राजकुमार के प्राण लेकर जाने लगा. उधर उस कन्या का दिल चूर चूर हो चूका था. उनकी इस पीड़ा को यम दूतों द्वारा देखा नही गया उन्होंने यमराज से विनती की तथा इस तरह की अकाल मृत्यु से मनुष्य को छुटकारा पाने का उपाय बताने की विनती की. इस पर यमराज बोले, जो मनुष्य कार्तिक कृष्ण त्रयोदशी (धनतेरस) की रात को दक्षिण दिशा में मेरे नाम का दीपक ज्लाएगे उन्हें इस तरह की अकाल मृत्यु का भय नही रहेगा.

dhanteras puja vidhi in hindi

ऊपर बताई गई स्टोरी के अनुसार धनतेरस की रात लोग अकाल मृत्यु से छुटकारा पाने के लिए दक्षिण दिशा में एक दीपक जलाते हैं.  रजत लेख की अपनी पसंद खरीदने के लिए गहने या चांदी की दुकानों से अपनी पसंद की चीजे खरीदने में अधिकतर स्त्रियाँ व्यस्त रहती हैं.

इस दिन घर के मुख्य आंगन में दीपक जलाकर भगवान् धन्वन्तरी जी को याद करना चाहिए तथा उनसे जीवन में सुख सम्रद्धि एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना करनी चाहिए. इस दिन लक्ष्मी गणेश के चित्र का कोई धातु का सिक्का अर्थात चांदी की कोई वस्तु खरीदना शुभ माना जाता हैं. इसके अतिरिक्त बर्तनों की खरीददारी करना भी शुभ माना जाता हैं.


आशा करता हूँ मित्रों About Dhanteras In Hindi का यह लेख आपकों अच्छा लगा होगा. यहाँ हमनें आपकों धनतेरस 2018 पूजा विधि कहानी इतिहास के बारे में विस्तार के साथ बताया हैं. आपकों हमारा ये लेख पसंद आया हो तो प्लीज इसे सोशल मिडिया पर शेयर जरुर करे साथ ही यदि आप धन त्रयोदशी के अन्य पोस्ट पढ़ना चाहते है तो नीचे दिए गये सम्बन्धित पोस्ट के कोर्नर में जाए.

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